जिमनास्टिक का सर्वाधिक विकास 17-18 वी शताब्दी के मध्य में हुआ तथा जिसमे यूरोप के जाने-माने व्यक्तियो ने अपना अभूतपूर्व योगदान दिया उन्होने शरीर व दिमाग के विकास पर अधिक ध्यान देने हेतु अनेको एजुकेशनल इंस्टिट्यूट खोले जिनके अंदर बच्चो और नोजवानो को शारारिक व्यायाम से शरीर व दिमाग को किस प्रकार स्वस्थ रख सकते है ये सिखाया जाता था शारीरिक व्यायाम से होने वाले सभी फायदों से अवगत कराया जाता था जिनमे से कुछ मह्त्वपूर्ण व्यक्ति इस प्रकार है |
जॉन वेस्डो
जॉन वेस्डो एक जर्मन शिक्षावाद थे जिन्होंने शारारिक शिक्षा को अपने अनुसार कुछ अलग तरिके से प्रस्तुत किया | इन्होने शारीरिक शिक्षा को स्कूली प्रोग्राम में जोड़ा जिसे इन्होने शुरू में हर हफ़्ते 2 घंटे करना शुरू किया तथा बाद में इन्होने अपना स्कुल खोला जिसमे शारीरिक शिक्षा पर अधिक जोर दिया था उसमे जिमनास्टिक की एक्टिविटी भी करानी शुरू की इन्होने जिमनास्टिक को अनेको प्रकार के अप्रेंटिस पर भी कराया
जॉन क्रिस्टोफ फ्रेड्रिच गटसमुथ
जॉन क्रिस्टोफ फेड्रिच गटसमुथ जिनका जिमनास्टिक के विकास में बहुत योगदान है इसी लिए इन्हे जिमनास्टिक के ग्रांडफादर के नाम से भी जाना जाता है इन्होने लगभग 50 वर्षो तक शारीरिक शिक्षा बच्चो और नोजवानो को देते रहे जिसमे इन्होने जिमनास्टिक के बहुत से अप्रेंटिस जैसे- हॉरिजॉन्टल बार , बैलेंस बीम , वॉल्टिंग आदि मुख्य उपकरण थे इन्होने जीवन भर स्वस्थ शरीर व स्वस्थ दिमाग बनाने हेतु शारीरिक शिक्षा के महत्व को समझाया और बच्चो और नोजवानो को शिक्षा ग्रहण कराई इनका मानना था की केवल स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ दिमाग होता है इन्होने जिमनास्टिक के योगदान हेतु अनेको बुक्स लिखी तथा अपने विचारो को लोगो तक पहुंचाया
फ्रैड्रिक लुडविंग जॉन
फ्रेड्रिच लुडविग जॉन जर्मन के एक समाज सुधारक थे जिनको जिमनास्टिक के विकास में अभूत योगदान के कारण ही इनको जिमनास्टिक के फादर के रूप में भी जाना जाता है ये जिमनास्टिक के एक अच्छे शिक्षक थे इनके अनुसार अच्छे युद्ध कौशल की प्राप्ती के लिए युवाओं को शारीरिक व्यायाम के द्वारा ही अनुकूल बनाया जा सकता है फ्रेड्रिच ने जिमनास्टिक का एक आउटडोर जिम्नेजियम सन 1811 में बनवाया जहां पर इन्होने अनेको जिमनास्टिक के उपकरण का निर्माण किया जिनके अंतर्गत पैरेलल बार , हॉर्स बैलेंस बीम प्रमुख है इन्होने सन 1816 में जिमनास्टिक एसोसिएशन की शुरुआत की इसके साथ ही इन्होने नेपोलियन को हराने के लिया अपने साथिओ के साथ जर्मन आर्मी ज्वाइन की और नेपोलियन को हराने में भी अपना महत्वहपूर्ण योगदान दिया |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know